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2 अक्टूबर 2026 विशेष ग्राम सभा: ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान से गांवों की विकास योजना में जनता की भागीदारी :

2 अक्टूबर 2026 को देशभर में विशेष ग्राम सभाएं होंगी। ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान से वित्त वर्ष 2027-28 की GPDP तैयार होगी।

2 अक्टूबर 2026 विशेष ग्राम सभा और सबकी योजना सबका विकास अभियान के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना
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HIGHLIGHTS

5 Key Highlights

  1. 2 अक्टूबर 2026 को देशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन।
  2. ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ।
  3. वित्त वर्ष 2027-28 के लिए GPDP तैयार की जाएगी।
  4. 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं की तैयारी और अपलोडिंग।
  5. योजनाओं की प्राथमिकता तय करने में जनभागीदारी, PAI और eGramSwaraj की महत्वपूर्ण भूमिका।

गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को देशभर की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं में ग्रामीण विकास, पंचायतों को सशक्त बनाने, सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा और स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। इसी अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जन योजना अभियान (People’s Plan Campaign-PPC) 2026-27 के तहत ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतें वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करेंगी।

विशेष ग्राम सभाओं में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

2 अक्टूबर की विशेष ग्राम सभाओं में नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एक साथ बैठकर सरकारी योजनाओं के लाभ, क्रियान्वयन और जमीनी स्थिति की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा। ग्राम सभा में ग्रामीण यह बता सकेंगे कि उनके गांव में किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, कौन-सी योजनाएं प्रभावी हैं और किन सेवाओं में अभी कमी है।

महत्वपूर्ण बिंदु :

  •  तिथि: 2 अक्टूबर 2026
  •  आयोजन: देशभर में विशेष ग्राम सभाएं
  •  अभियान: People’s Plan Campaign 2026-27
  •  थीम: ‘सबकी योजना, सबका विकास’
  •  योजना: वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए GPDP
  •  आधार: सहभागी एवं साक्ष्य-आधारित स्थानीय योजना
  •  डिजिटल प्लेटफॉर्म: eGramSwaraj
  •  मूल्यांकन: Panchayat Advancement Index (PAI)

2018 से चल रहा है ‘सबकी योजना, सबका विकास’

People’s Plan Campaign की शुरुआत वर्ष 2018 में ‘सबकी योजना, सबका विकास’ थीम के साथ की गई थी। इसका उद्देश्य पंचायत विकास योजनाओं को केवल प्रशासनिक स्तर पर तैयार करने के बजाय स्थानीय समुदाय की भागीदारी से तैयार करना है। पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, अभियान के तहत ग्राम सभा, निर्वाचित प्रतिनिधि, विभागीय मैदानी कर्मचारी, स्वयं सहायता समूह (SHG), सामुदायिक संगठन और अन्य स्थानीय हितधारक पंचायत योजना प्रक्रिया में भाग लेते हैं।

GPDP क्या है और इसका महत्व क्या है?

ग्राम पंचायत विकास योजना (Gram Panchayat Development Plan (GPDP)) ग्राम पंचायत स्तर पर विकास की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने वाली प्रमुख योजना है। इसमें गांव की जरूरतों के आधार पर सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से संबंधित गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है। PPC 2026-27 में तैयार होने वाली GPDP का लक्ष्य 2027-28 के लिए गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करना है।

प्रमुख सरकारी योजनाएं भी ग्राम सभा के एजेंडे में

2 अक्टूबर की विशेष ग्राम सभाओं में कई केंद्रीय योजनाओं और पहलों को चर्चा के केंद्र में रखा जाएगा।

पंचायत एवं डिजिटल शासन :

पंचायतों के वित्तीय एवं प्रशासनिक सशक्तिकरण, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत क्षमता निर्माण, eGramSwaraj, AuditOnline, स्व-स्रोत राजस्व (OSR), पंचायत उन्नति सूचकांक और स्वामित्व जैसी पहलों पर चर्चा होगी।eGramSwaraj पंचायतों की योजना, प्रगति रिपोर्टिंग और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह PFMS से भी जुड़ा हुआ है।

ग्रामीण रोजगार और आजीविका :

ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत रोजगार और आजीविका से संबंधित विषयों को ग्राम सभा में रखा जाएगा। स्थानीय जरूरतों के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य एवं आजीविका गतिविधियों की योजना पर भी चर्चा होगी।

पेयजल और स्वच्छता :

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण घरों में नल से जल कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता, ODF Plus और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषय भी ग्राम सभा के एजेंडे में होंगे। इसके साथ जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए जल संचय जन भागीदारी तथा वाटरशेड विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकार :

ग्राम सभा में One Nation One Ration Card, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और e-Jagriti जैसे उपभोक्ता एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़े डिजिटल तंत्रों के बारे में भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

भूमि रिकॉर्ड और संपत्ति अधिकार :

डिजिटल इंडिया जमीन रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम (Digital India Land Records Modernization Programme (DILRMP)) के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, रिकॉर्ड की पहुंच और सुरक्षित संपत्ति अधिकारों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा होगी।भूमि रिकॉर्ड के बेहतर डिजिटलीकरण से नागरिकों को रिकॉर्ड प्राप्त करने में सुविधा और भूमि संबंधी लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं, बच्चों और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर :

विशेष ग्राम सभाओं में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं गरिमा से जुड़े विषय भी शामिल किए जाएंगे। इनमें बाल विवाह मुक्त भारत और नशा मुक्त भारत अभियान जैसे जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख हैं। साथ ही नए आपराधिक कानूनों, डिजिटल परिवर्तन और सहकारी समितियों को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी। आधिकारिक PIB विज्ञप्ति में नए आपराधिक कानूनों के नाम भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) दिए गए हैं।

2 अक्टूबर को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर भी चर्चा

स्वच्छता ही सेवा 2026 के समापन के साथ 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में Solid Waste Management Rules, 2026 से संबंधित विषयों को भी चर्चा में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और स्थानीय स्तर पर पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

छत्तीसगढ़ में भी 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। राज्य में पंचायत संचालनालय के निर्देशों के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के अंतर्गत गांवों में ग्राम सभा आयोजित करने और ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ जैसे बड़े ग्रामीण एवं जनजातीय आबादी वाले राज्य में सहभागी ग्राम योजना का महत्व और बढ़ जाता है। ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय समुदाय पेयजल, सड़क, वन-आधारित आजीविका, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार जैसी स्थानीय जरूरतों को विकास योजना में प्राथमिकता दिलाने में योगदान दे सकता है।

समाचार विश्लेषण : ग्राम सभा से ‘लोकल प्लानिंग’ को मिल सकता है बल

‘सबकी योजना, सबका विकास’ की मूल अवधारणा विकेंद्रीकृत शासन को मजबूत करना है। इसका सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि गांव की विकास योजना केवल ऊपर से निर्धारित न होकर स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर तैयार हो। यदि PAI के आंकड़े, सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया को एक साथ GPDP में शामिल किया जाए, तो पंचायत योजनाएं अधिक need-based, inclusive और evidence-based बन सकती हैं।

आगे कि राह (Way Forward) :

  1. ग्राम सभा में महिला, युवा, SC/ST और कमजोर वर्गों की वास्तविक भागीदारी बढ़ाई जाए।
  2. PAI और स्थानीय सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर प्राथमिकताएं तय हों।
  3. विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच convergence को GPDP में मजबूत किया जाए।
  4. eGramSwaraj पर योजना और खर्च की जानकारी को आम नागरिकों के लिए सरल बनाया जाए।
  5. GPDP में तय कार्यों की समयबद्ध समीक्षा और social audit को प्रभावी बनाया जाए।

निष्कर्ष :

2 अक्टूबर 2026 की विशेष ग्राम सभाएं केवल योजनाओं की जानकारी देने का मंच नहीं, बल्कि स्थानीय विकास की प्राथमिकताएं तय करने का सहभागी मंच हैं। ‘सबकी योजना, सबका विकास’ PPC 2026-27 के माध्यम से ग्राम पंचायतें वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए अपनी विकास योजनाएं तैयार करेंगी। eGramSwaraj, PAI, सरकारी योजनाओं का convergence और ग्रामीणों की भागीदारी इस प्रक्रिया के महत्वपूर्ण आधार होंगे।

स्रोत:

  • पंचायती राज मंत्रालय/PIB की 1 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति,
  • Ministry of Panchayati Raj का GPDP पोर्टल

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