करंट अफेयर्स जिला -संभाग सरकारी निर्णय अर्थव्यस्था सामाजिक शिक्षा स्वास्थ्य विज्ञानं एवं प्रौद्योगीकी पर्यावरण साहित्य कला एवं संस्कृति युवा खेल मनोरंजन जागरूकता

---Advertisement---

CGPSC सुधार महा रैली बिलासपुर : 25 सितंबर 2026 को अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुनर्मूल्यांकन समेत 12 मांगें ,संपूर्ण जानकारी :

CGPSC सुधार महा रैली 2026: बिलासपुर में 25 सितंबर को अभ्यर्थियों की रैली, Mains 2025 पुनर्मूल्यांकन , 1:3 अनुपात, OMR कॉपी समेत 12 मांगों की पूरी जानकारी।

CGPSC सुधार महा रैली बिलासपुर 25 सितंबर 2026
---Advertisement---

HIGHLIGHTS

5 Key Highlights:

  • बिलासपुर में 25 सितंबर को CGPSC सुधार महा रैली।
  • 265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू चयन पर सवाल।
  • 1:3 अनुपात के तहत 795 अभ्यर्थियों की मांग।
  • Mains 2025 कॉपियों के Re-checking, Re-evaluation और Recounting की मांग।
  • OMR कॉपी, Model Answer और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता समेत 12 मांगें।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी अब सड़क तक पहुंच गई है। आज 25 सितंबर 2026 को बिलासपुर में CGPSC सुधार महा रैली आयोजित की गई । अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग मुख्य परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराना तथा न्यूनतम 33%/23% अर्हकारी अंक की शर्त को ख़त्म किया जाये  है। इसके साथ ही साक्षात्कार के लिए 1:3 अनुपात में अभार्थियो को बुलाया जाय।  परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार और अभ्यर्थियों को समान अवसर देने से जुड़ी कई अन्य मांगें भी रखी गई हैं।

अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम में 265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के लिए चिन्हांकन तथा 1:3 अनुपात के मुद्दे पर सवाल उठाए गए हैं।

बिलासपुर में आज क्या था कार्यक्रम?

बिलासपुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय से जारी रैली अनुमति पत्र के अनुसार 25 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे से शाम 5:30 बजे तक रैली की अनुमति दी गई थी । अनुमति पत्र में रैली का मार्ग गांधी चौक से नेहरू चौक तक बताया गया है। अनुमति पत्र के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने और ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग सहित विभिन्न प्रशासनिक शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी आज बिलासपुर में यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया या ज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर जुट रहे ।

क्या है पूरा CGPSC विवाद?

CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 में कुल 265 पद विज्ञापित किए गए थे। मुख्य परीक्षा के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत 1:3 अनुपात के आधार पर लगभग 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किए जाने की बात सामने आई। लेकिन परिणाम में 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया। इस तरह 795 और 608 के बीच 187 अभ्यर्थियों का अंतर रहा।

अभ्यर्थियों ने इसी अंतर को लेकर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन तथा पुनर्गणना कराई जाए और 1:3 अनुपात के आधार पर लगभग 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया जाए।

CGPSC का पक्ष क्या है?

आयोग ने सितंबर 2026 में जारी स्पष्टीकरण में कहा कि 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किसी त्रुटि के कारण नहीं हुआ। आयोग के अनुसार राज्य सेवा परीक्षा-2025 के नियमों में प्रत्येक प्रश्न-पत्र में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त करना आवश्यक है—अनारक्षित वर्ग के लिए 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत। निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं करने वाले अभ्यर्थियों के कारण साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या कम हुई।

आयोग ने यह भी कहा है कि विज्ञापन की संबंधित शर्तों के अनुसार पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं है। यही वह बिंदु है जिस पर अभ्यर्थियों और आयोग के पक्षों में मूल अंतर दिखाई देता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि CGPSC 2024 के mains RTI कॉपी में मूल्यांकन प्रक्रिया में स्पस्ट रूप से अनियमितता दिखाई देती है ,जहाँ पर प्रश्न के सामान उत्तर पर अलग अलग नंबर दिए गये ,सही उत्तर लिखने पर भी नंबर नहीं दिए गये, वही कई लोगो को गलत उत्तर देने पर भी नंबर दिए गये। अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि भाषा के आधार पर भी नंबर देने में भेद भाव किया गया।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग क्या है?

बिलासपुर में प्रस्तुत मांग-पत्र में केवल पुनर्मूल्यांकन की मांग नहीं है, बल्कि CGPSC की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से जुड़ी 12 मांगें रखी गई हैं:

1. Mains 2025 की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन:

अभ्यर्थियों की तत्काल मांग है कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation/Re-checking) और पुनर्गणना (Recounting) कराया जाए। और 1:3 अनुपात के आधार पर लगभग 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया जाए। उनका तर्क है कि इससे मूल्यांकन में संभावित अंतर या त्रुटियों की जांच हो सकेगी और योग्य अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का अवसर मिल सके ।

2. OMR उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी :

मांग-पत्र में Objective परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को उनकी भरी हुई OMR उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है, ताकि अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर सकें।

3. प्रश्नपत्रों में त्रुटियों पर सुधार :

अभ्यर्थियों ने प्रश्नों और विकल्पों में संभावित त्रुटियों को पूरी तरह समाप्त करने तथा ऐसी स्थिति सामने आने पर आवश्यक सुधारात्मक सुधार (Corrective Reforms) लागू करने की मांग की है।

4. 23%/33% न्यूनतम अर्हकारी अंक की व्यवस्था पर पुनर्विचार :

मांग-पत्र में मुख्य परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न-पत्र में लागू न्यूनतम अर्हकारी अंक—आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत और अनारक्षित वर्ग के लिए 33 प्रतिशत—की व्यवस्था को हटाने या शिथिल करनेकी मांग भी रखी गई है। यह मांग सीधे उस विवाद से जुड़ी है जिसमें 795 की अपेक्षा 608 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित हुए। आयोग का कहना है कि यही न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं कर पाने के कारण संख्या कम हुई।

5. मूल्यांकनकर्ताओं के लिए स्पष्ट और पारदर्शी मानक:

मांग-पत्र में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले मूल्यांकनकर्ता (Evaluators) के लिए स्पष्ट, एकरूप और पारदर्शी मूल्यांकन मानक (Evaluation Standard) निर्धारित करने की मांग की गई है।

6. लापरवाही या पक्षपात के मामलों में कार्रवाई :

अभ्यर्थियों ने मांग की है कि यदि किसी मूल्यांकनकर्ता के स्तर पर गंभीर लापरवाही, पक्षपात या अनुचित मूल्यांकन प्रमाणित हो, तो ऐसे मूल्यांकनकर्ताओं के विरुद्ध विभागीय अथवा कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था हो।

7. RTI के माध्यम से कॉपियां आसानी से उपलब्ध हों :

मांग-पत्र में RTI के माध्यम से मांगी गई उत्तर पुस्तिकाओं को अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन Dashboard के माध्यम से निःशुल्क या  न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

8. आधिकारिक Model Answers जारी किए जाएं :

अभ्यर्थियों की मांग है कि मुख्य परीक्षा समाप्त होने के बाद आयोग द्वारा आधिकारिक Model Answers सार्वजनिक किए जाएं, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया को समझने में अधिक पारदर्शिता हो।

9. हिंदी  और English Medium के बीच समानता :

मांग-पत्र में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के बीच संभावित अंतर को दूर करने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है जिससे दोनों माध्यमों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

10.पाठ्यक्रम  सीमा का पालन :

मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र पूरी तरीके से निर्धारित पाठ्यक्रम के भीतर से ही तैयार किए जाये, पाठ्यक्रम से परे प्रश्नों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाये।

11. साक्षात्कार अंक में अत्यधिक अंतर को नियंत्रित किया जाए :

मांग-पत्र में इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले न्यूनतम और अधिकतम अंकों के बीच अत्यधिक अंतर (Range) को नियंत्रित और सीमित करने की मांग की गई है, ताकि इंटरव्यू मूल्यांकन में बहुत अधिक असमानता न हो।

12. साक्षात्कार पैनल (Interview Board) में विषय विशेषज्ञ और पारदर्शी प्रक्रिया :

अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू बोर्ड में विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति और पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

इंटरव्यू प्रक्रिया भी हो चुकी है स्थगित :

CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 के अंतिम चरण को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार पहले साक्षात्कार/दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया सितंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होनी थी, लेकिन आयोग ने इसे स्थगित कर दिया है। उपलब्ध रिपोर्ट में बताया गया है कि 16 सितंबर को इंटरव्यू प्रक्रिया स्थगित किए जाने की जानकारी सामने आई थी और नई तारीख बाद में घोषित की जानी थी।

आज की बिलासपुर रैली क्यों महत्वपूर्ण है?

CGPSC अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि कई वर्षों की तैयारी, समय और आर्थिक निवेश से जुड़ी प्रक्रिया होती है। इसलिए मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग लगातार सामने आती रही है।

बिलासपुर की आज की रैली में उठाई जा रही मांगों का केंद्र मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों के आसपास है—

पहला — Mains 2025 की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना।

दूसरा — 1:3 अनुपात और 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार चिन्हांकन पर स्पष्टता।

तीसरा — भविष्य की CGPSC परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और मानकीकृत परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था।

मांग-पत्र में इन मुद्दों के साथ OMR कार्बन कॉपी, Model Answer, RTI से कॉपी उपलब्ध कराने, मूल्यांकनकर्ताओं के मानक, भाषा माध्यम की समानता और इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे सुधार भी शामिल किए गए हैं।

CGPSC मुख्य परीक्षा की मूल्यांकन प्रणाली को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने हेतु सुझाव:

1. मूल्यांकन मानदंड :उत्तर की प्रासंगिकता, तथ्य, संरचना एवं निर्धारित मूल्यांकन मानदंड के आधार पर प्रारंभिक विश्लेषण किया जाए।तत्पश्चात अंतिम अंक परीक्षक द्वारा निर्धारित किए जाएं।

2. तीन परीक्षकों से मूल्यांकन: महत्वपूर्ण/वर्णनात्मक उत्तर-पुस्तिकाओं का स्वतंत्र रूप से दो परीक्षकों से मूल्यांकन कराया जाए। दोनों के अंकों में निर्धारित सीमा से अधिक अंतर होने पर तीसरे वरिष्ठ परीक्षक से समीक्षा कराई जाए।

3. मानक अंकन योजना(Standardized Marking Scheme): प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्ट मूल्यांकन मानदंड (Marking Rubric) तैयार किया जाए, जिससे अलग-अलग परीक्षकों द्वारा अंकों में अत्यधिक अंतर कम हो।

4. स्वचालित ऑडिट सिस्टम(Automated Audit System): परीक्षकों द्वारा दिए गए अंकों का सांख्यिकीय विश्लेषण किया जाए। असामान्य रूप से अधिक या कम अंक देने वाले मूल्यांकन पैटर्न को स्वतः Review के लिए चिन्हित किया जाए।

5. अभ्यर्थी को अधिक पारदर्शिता: परिणाम के बाद नियमानुसार अभ्यर्थी को अपनी उत्तर-पुस्तिका की डिजिटल प्रति तथा प्रश्नवार प्राप्त अंकों की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

6. Digital Audit Trail: कॉपी किस परीक्षक को दी गई, कब जांची गई, कितने अंक दिए गए और moderation/review में क्या परिवर्तन हुआ—इसका सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाए।

निष्कर्ष :

CGPSC सुधार महा रैली 2026 के माध्यम से बिलासपुर में अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा-2025 के मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया से जुड़े सवालों को सार्वजनिक रूप से उठाया है। आज की रैली में मुख्य मांग Mains 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना है। इसके अलावा OMR कार्बन कॉपी, Model Answer, RTI से उत्तर पुस्तिका, मूल्यांकन मानकों में पारदर्शिता, Hindi-English माध्यम में समान अवसर और इंटरव्यू प्रक्रिया में सुधार जैसी मांगें भी शामिल हैं।

अब इस आंदोलन का अगला महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अभ्यर्थियों की इन मांगों पर प्रशासन और CGPSC की ओर से क्या कार्रवाई और स्पष्टता सामने आती है। 25 सितंबर की यह महा रैली इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से अभ्यर्थियों ने केवल Mains 2025 के परिणाम से जुड़े सवाल ही नहीं, बल्कि भविष्य में CGPSC की परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने की मांग भी सामने रखी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बस्तर दशहरा 2026 में मुरिया दरबार, जनजातीय संस्कृति और बस्तर विकास के संदेश के साथ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा 2026 में की जनजातीय संस्कृति की सराहना, मुरिया दरबार को बताया लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक :

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का रायपुर दौरा 2026, नुआखाई महोत्सव और युवा प्रबोधन कार्यक्रम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का रायपुर दौरा 2026: नुआखाई महोत्सव, युवा प्रबोधन और विकसित भारत 2047 का संदेश :

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित ऐतिहासिक सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर

सिरपुर को UNESCO की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में जगह, छत्तीसगढ़ की प्राचीन नगरी को मिली वैश्विक पहचान

कोंडागांव के बानू राम बैद को शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चुना गया

कोंडागांव के बानू राम बैद को शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चुना गया, बस्तर की ढोकरा कला को राष्ट्रीय पहचान :

सुकमा कनेक्ट 2.0 परियोजना को 1.17 करोड़ रुपये की मंजूरी, 24 घंटे बहुभाषी कॉल सेंटर और मोबाइल सेवा वैन से दूरस्थ गांवों तक नागरिक सेवाएं

सुकमा कनेक्ट 2.0 को मिला राष्ट्रीय पहचान:

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना 2026-27, आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर और IIT AIIMS IIM में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए जानकारी

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति 2026-27: 30 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें पात्रता और नियम :

Leave a Comment