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छत्तीसगढ़ की सुनीता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

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छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण: शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव को उनके अभिनव शैक्षणिक प्रयासों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में देश के 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 में कुल 82 शिक्षक सम्मानित

शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में कुल 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए।

इनमें शामिल हैं:

  • 48 शिक्षक – स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग
  • 21 शिक्षक/फैकल्टी सदस्य – उच्च शिक्षा एवं पॉलिटेक्निक क्षेत्र
  • 13 प्रशिक्षक – कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

इन शिक्षकों को नवाचार, शिक्षण-अधिगम में उत्कृष्टता, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा, शोध एवं अनुसंधान, आउटरीच गतिविधियों और शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए शिक्षक दिवस 2026 बेहद गौरवपूर्ण रहा। जिले के बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी की शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव,छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए चयनित होने वाली वे एकमात्र शिक्षिका हैं।

सुनीता यादव को क्यों मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान?

सुनीता यादव ने सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण विद्यालय में शिक्षा को केवल किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने साहित्य, तकनीक, रचनात्मक गतिविधियों, खेल और अनुभव आधारित शिक्षण को कक्षा का हिस्सा बनाया।

उनकी शिक्षण पद्धति का मूल उद्देश्य था—“बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं, सीखने का आनंद समझें।”इसी सोच के तहत उन्होंने खेल-खेल में शिक्षा और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया।

पढ़ाई के लिए खुद बनाई लघु फिल्में :

सुनीता यादव का सबसे दिलचस्प शैक्षणिक नवाचार यह है कि वे कठिन विषयों को सरल बनाने के लिए स्वयं और विद्यार्थियों के अभिनय वाली लघु फिल्में तैयार करती हैं। इन फिल्मों के माध्यम से बच्चों को पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों को रोचक तरीके से समझाने का प्रयास किया जाता है।इसके अलावा वे आधुनिक डिजिटल संसाधनों का भी उपयोग करती हैं:

जिनमें शामिल हैं—

  • दीक्षा ऐप
  • StoryWeaver
  • ऑडियो बुक
  • पॉडकास्ट
  • ब्लॉगिंग
  • स्मार्ट क्लास

इस प्रकार उनके विद्यालय में पारंपरिक शिक्षण के साथ Digital Learning और Creative Learning का समन्वय देखने को मिलता है।

अन्य योगदान :

1.शिक्षा के साथ Digital Literacy और रोजगारमूलक जानकारी:

उन्होंने बच्चों की शिक्षा को डिजिटल साक्षरता और रोजगारमूलक जानकारी से जोड़ने का भी प्रयास किया।

आज जब डिजिटल तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को डिजिटल माध्यमों से परिचित कराना उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

2.आदिवासी बच्चों के लिए चलाया निशुल्क Summer Camp :

उन्होंने बिलासपुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिलकडीह में आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप चलाकर अध्यापन किया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा से वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों तक पहुंच बनाना था।

यह पहल बताती है कि शिक्षक की भूमिका केवल निर्धारित स्कूल समय में कक्षा लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना भी उसकी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा हो सकता है।

3.बच्चों के पोषण के लिए भी व्यक्तिगत पहल :

सुनीता यादव ने विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य को भी अपनी शैक्षणिक पहल का हिस्सा बनाया।

वे अपने खर्च से विद्यार्थियों को नियमित दूध उपलब्ध कराती हैं और अधिक से अधिक न्योता भोजन कराने के लिए समुदाय को प्रेरित करती हैं। इससे उनकी कार्यशैली में Education + Nutrition + Community Participation का समन्वय दिखाई देता है।

4.सामाजिक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने के लिए भी सुनीता यादव ने विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया :

(i)प्रकृति संरक्षण के लिए Seed Ball तैयार करना

(ii) देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के लिए राखी बनाना

5.राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर भी किया शोध : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्राथमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बाद आए बदलाव और उसके प्रभाव पर शोध पत्र तैयार किया। वे इस विषय पर शोध पत्र तैयार करने वाली जिले की पहली महिला शिक्षिका हैं।

6.शिक्षा के साथ साहित्य से भी जुड़ाव :

सुनीता यादव का जुड़ाव केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रहा। साहित्य के क्षेत्र में भी उनके योगदान को सम्मान मिला है।

उन्हें—

  • 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान
  • 2025 में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण
  • 2026 में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान

से सम्मानित किया गया।इस प्रकार उनकी यात्रा में शिक्षा, साहित्य, तकनीक और सामाजिक संवेदनशीलता का अनूठा संयोजन दिखाई देता है।

CGPSC, CGSSB और शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

यह समाचार प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थी इन तथ्यों को जरूर नोट करें:

प्रश्नउत्तर
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 से छत्तीसगढ़ की किस शिक्षिका को सम्मानित किया गया?सुनीता यादव
सुनीता यादव किस जिले से संबंधित हैं?सारंगढ़-बिलाईगढ़
सुनीता यादव किस विकासखंड में कार्यरत हैं?बरमकेला
उनका विद्यालय कौन-सा है?शासकीय प्राथमिक विद्यालय, खिचरी
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 किसने प्रदान किया?राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
पुरस्कार समारोह कहाँ आयोजित हुआ?विज्ञान भवन, नई दिल्ली
सुनीता यादव को 2024 में कौन-सा सम्मान मिला?राज्य शिक्षक सम्मान
2025 में उन्हें कौन-सा साहित्यिक सम्मान मिला?पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण
उन्होंने किस नीति के प्रभाव पर शोध पत्र तैयार किया?राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
आदिवासी बच्चों के लिए उन्होंने क्या चलाया?निशुल्क समर कैंप
उनकी प्रमुख डिजिटल शिक्षण पहलें कौन-सी हैं?दीक्षा ऐप, StoryWeaver, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट, ब्लॉगिंग एवं स्मार्ट क्लास

निष्कर्ष

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 में सुनीता यादव का सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के एक ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंची उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि शिक्षक यदि नवाचार, तकनीक और संवेदनशीलता को अपने अध्यापन का हिस्सा बना लें, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव संभव है।

छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुनीता यादव की यात्रा सिर्फ उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रेरणा और सीख का विषय भी है।

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