भारत को वैश्विक रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विनिर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन ‘इंडिया केम-2026’ मुंबई में संपन्न हो गया। 22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम का 14वाँ संस्करण ‘एडवांटेज भारत: एक उभरता हुआ वैश्विक रसायन केंद्र’ विषय पर केंद्रित था। सम्मेलन में निवेश, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और टिकाऊ विकास पर चर्चा हुई।
भारत सरकार के रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 22 अक्टूबर को सम्मेलन का उद्घाटन किया।
इंडिया केम-2026 की प्रमुख बातें :
- आयोजन: 22–24 अक्टूबर 2026, मुंबई।
- संस्करण: 14वाँ द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी।
- आयोजक: रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग और FICCI।
- विषय: Advantage Bharat: An Emerging Global Chemicals Hub।
- साझेदार देश: जापान।
- प्रमुख भागीदारी: भारत, अमेरिका, जापान, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देशों, दक्षिण कोरिया और आसियान क्षेत्र सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि।
- मुख्य उद्देश्य: निवेश आकर्षित करना, वैश्विक साझेदारी मजबूत करना और रसायन उद्योग में टिकाऊ विकास को प्रोत्साहित करना।
भारत के रसायन उद्योग के लिए क्या है लक्ष्य?
उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार की समापन संबंधी विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र का मौजूदा बाजार आकार लगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर है। इसे बढ़ाकर वर्ष 2040 तक लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक लगभग 1.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य बताया गया।
भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ सहयोग :
सम्मेलन में CEO फोरम के साथ भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ रसायन एवं पेट्रोकेमिकल फोरम आयोजित किए गए। इन मंचों पर व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
जापान इस संस्करण का साझेदार देश था। भारत और जापान के बीच औद्योगिक एवं व्यापारिक संबंधों को देखते हुए यह साझेदारी तकनीकी आदान-प्रदान, आधुनिक विनिर्माण और निवेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सम्मेलन में विशेष रसायन, कृषि रसायन, औद्योगिक बुनियादी ढाँचा, पर्यावरणीय चुनौतियाँ, संयंत्र मशीनरी, पंप और वाल्व जैसे विषयों पर गोलमेज चर्चाएँ भी हुईं।

BHAVYA रसायन योजना और केमिकल पार्क :
सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर सरकार ने BHAVYA Rasayan Scheme को रसायन क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के अंतर्गत तीन समर्पित केमिकल पार्क विकसित करने की पहल का उल्लेख किया गया।
ऐसे औद्योगिक पार्कों का उद्देश्य रसायन विनिर्माण से संबंधित बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। बंदरगाहों, रेलवे, हवाई अड्डों और सड़क संपर्क के साथ एकीकृत औद्योगिक मूल्य शृंखला का विकास प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
युवा नवाचार चुनौती में विद्यार्थियों ने मारी बाजी :
इंडिया केम-2026 में पहली बार ‘इंडिया केम युवा नवाचार चुनौती’ को भी शामिल किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा नवप्रवर्तकों को रसायन उद्योग की वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस प्रतियोगिता में मुंबई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) के सौम्या भोले और सार्थक काले ने पहला पुरस्कार प्राप्त किया। वीएनआईटी, नागपुर के सुमन बटवे और सलोनी महादेसर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि आईआईटी गांधीनगर के जश प्रसाद और स्मित बांभोरलिया ने तीसरा पुरस्कार हासिल किया।
छत्तीसगढ़ के लिए क्या हैं अवसर?
छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों, ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के कारण रसायन एवं संबंधित विनिर्माण उद्योगों के विकास की संभावनाएँ रखता है। राज्य में उपलब्ध औद्योगिक आधार का उपयोग मूल्य संवर्धन, सहायक उद्योगों, औद्योगिक सेवाओं और रोजगार सृजन के अवसर विकसित करने में किया जा सकता है।
हालाँकि, इंडिया केम-2026 में छत्तीसगढ़ को किसी विशेष निवेश या परियोजना का लाभ मिलने की आधिकारिक घोषणा इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं की जा सकती। राज्य के लिए संभावित अवसरों को वास्तविक निवेश में बदलने के लिए उपयुक्त औद्योगिक नीति, कुशल मानव संसाधन, लॉजिस्टिक्स, जल एवं ऊर्जा उपलब्धता तथा पर्यावरणीय सुरक्षा पर ध्यान देना होगा।
समाचार विश्लेषण: आगे की राह क्या होनी चाहिए?
इंडिया केम-2026 ने भारत की औद्योगिक विकास रणनीति में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित किया है। वैश्विक निवेश, तकनीकी सहयोग, विशेष रसायनों के घरेलू उत्पादन और निर्यात विस्तार से भारत को लाभ मिल सकता है।
लेकिन बाजार आकार बढ़ाने के लक्ष्य के साथ अनुसंधान एवं विकास, सुरक्षित उत्पादन, ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ तकनीक और कुशल श्रमिकों के प्रशिक्षण पर भी समान ध्यान देना होगा। आयात पर निर्भरता घटाने के साथ घरेलू उद्योगों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाना जरूरी है। छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-संपन्न राज्यों के लिए यह अवसर है कि वे निवेश आकर्षित करने के साथ पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दें।
निष्कर्ष:
इंडिया केम-2026 भारत को वैश्विक रसायन विनिर्माण केंद्र बनाने, निवेश आकर्षित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच रहा। विकसित भारत @ 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए अब नीतिगत घोषणाओं को ठोस औद्योगिक उपलब्धियों में बदलना आवश्यक होगा।
स्रोत: भारत सरकार का प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग तथा इंडिया केम-2026 से संबंधित आधिकारिक विज्ञप्तियाँ।
प्रेरणादायक पुस्तक :

BUY NOW : Click here









