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सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस 2026 : छत्तीसगढ़ पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की बड़ी पहल :

Central India Connect Marketplace 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन को देश-विदेश के बाजार से जोड़ने, B2B साझेदारी, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Central India Connect Marketplace 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल
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HIGHLIGHTS

5 Key Highlights
1. Central India Connect Marketplace 2026 का आयोजन नवा रायपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर हुआ।
2. देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञों ने B2B बैठकों में हिस्सा लिया।
3. नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, निवेश और पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने पर जोर।
4. चित्रकोट, तीरथगढ़, बस्तर, सिरपुर, भोरमदेव, जशपुर और अन्य पर्यटन स्थलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की पहल।
5. पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था, महिला एवं जनजातीय सशक्तिकरण से जोड़ने पर विशेष फोकस।

विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने अपने पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (CGTTA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालक और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारक शामिल हुए।

यह आयोजन 27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ और इसका प्रमुख उद्देश्य B2B नेटवर्किंग, पर्यटन उत्पादों के प्रदर्शन, नए व्यावसायिक संपर्क और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में छत्तीसगढ़ की पहुंच बढ़ाना था।

छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिला बिजनेस कनेक्ट का मंच :

‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ को केवल पर्यटन प्रदर्शनी के बजाय एक व्यावसायिक नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जा सकता है। यहां पर्यटन कारोबारियों के बीच B2B बैठकें आयोजित हुईं, जिनमें नए टूर पैकेज, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने, होटल-होमस्टे सेवाओं को टूर ऑपरेटर नेटवर्क से जोड़ने और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक, जनजातीय, धार्मिक, पुरातात्विक, सांस्कृतिक, वन्यजीव और एडवेंचर पर्यटन के कई अलग-अलग उत्पाद मौजूद हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल, नारायणपाल, मल्हार और बस्तर दशहरा जैसे आकर्षणों को अलग-अलग पर्यटन पैकेज के रूप में विकसित किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बिंदु :

  • देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स की सहभागिता।
  • B2B बैठकों के जरिए नए पर्यटन पैकेज और व्यावसायिक साझेदारी पर चर्चा।
  • पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर।
  • पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की रणनीति।
  • डिजिटल तकनीक और AI आधारित पर्यटन प्रचार पर विशेष फोकस।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दिया जोर :

कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला क्षेत्र है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन संपदा का उल्लेख करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा के वन्यजीवन को महत्वपूर्ण पर्यटन संसाधन बताया।

400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियों का नेटवर्क :

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने पर्यटन प्रचार के लिए देश के विभिन्न शहरों में किए गए रोड शो और राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन प्रयासों से 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे बाजारों में प्रचार गतिविधियां छत्तीसगढ़ को पारंपरिक पर्यटन बाजार से आगे ले जाने की रणनीति का हिस्सा हैं।

AI और डिजिटल तकनीक बने पर्यटन प्रचार का नया आधार :

इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू डिजिटल पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रहा। विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम: पर्यटन को फिर से डिज़ाइन करने के लिए डिजिटल एजेन्डा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism” है। ऐसे में छत्तीसगढ़ पर्यटन द्वारा डिजिटल प्रचार, AI आधारित पर्यटक अनुभव, ऑनलाइन जानकारी और डिजिटल कंटेंट पर जोर देना समयानुकूल है।

भारत सरकार के अनुसार, पर्यटन क्षेत्र ने 2023-24 में देश के GDP में 5.22% योगदान दिया और 8.46 करोड़ रोजगारों को समर्थन दिया। 2025 में भारत में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या 428.55 करोड़ और विदेशी पर्यटक यात्राओं की संख्या 2.53 करोड़ रही। इससे स्पष्ट है कि पर्यटन अब केवल मनोरंजन का क्षेत्र नहीं बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधि का बड़ा माध्यम है।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेश की संभावना :

छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। राज्य के 2026-27 बजट में होम-स्टे नीति के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में होटल, होम-स्टे और अन्य पर्यटन सुविधाओं में निवेश को प्रोत्साहित करने की नीति पर्यटन को स्थानीय आर्थिक गतिविधि से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ग्रामीण परिवारों के होम-स्टे, स्थानीय परिवहन, गाइड, महिला स्व-सहायता समूह, हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य उत्पाद भी पर्यटन मूल्य-श्रृंखला का हिस्सा बन सकते हैं।

पर्यटन क्षेत्र के उत्कृष्ट हितधारकों का सम्मान :

कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

प्रमुख पुरस्कारों में शामिल रहे—

  • बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
  • बेस्ट इको टूरिज्म साइट: तक्षक भोरमदेव
  • बेस्ट होटल: एम्बिशन, जगदलपुर
  • बेस्ट टूर ऑपरेटर: डी. रमेश कैंप वन्स
  • बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप: हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी
  • बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर: ट्रिपी हिल्स, जशपुर
  • बेस्ट होम-स्टे: धुरवा डेरा
  • बेस्ट इन्फ्लुएंसर: अनुपम सिन्हा
  • बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर: डोंगरगढ़ टीम
  • बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसॉर्ट: इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा

धनपुर पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन :

कार्यक्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के धनपुर की पुरातात्विक एवं विरासत संपदा पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। यह कदम जिले के विरासत स्थलों को पर्यटन उत्पाद के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। GPM को इसी आयोजन में बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड मिलना भी जिले के पर्यटन प्रचार प्रयासों के लिए उल्लेखनीय है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?

Central India Connect Marketplace 2026 का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें पर्यटन को केवल सरकारी प्रचार के बजाय टूरिज्म बिजनेस इकोसिस्टम से जोड़ने का प्रयास दिखाई देता है। यदि B2B बैठकों से वास्तविक टूर पैकेज बनते हैं और देश-विदेश के ऑपरेटर छत्तीसगढ़ के स्थलों को अपने पैकेज में शामिल करते हैं, तो इसका प्रभाव होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प, भोजन और सांस्कृतिक गतिविधियों तक पहुंच सकता है।

आगे कि राह : आगे क्या होना चाहिए?

  1. हर प्रमुख पर्यटन स्थल का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाए।
  2. AI आधारित बहुभाषी पर्यटन जानकारी और यात्रा योजना विकसित की जाए।
  3. स्थानीय युवाओं को गाइड, हॉस्पिटैलिटी और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जाए।
  4. बस्तर, सरगुजा, जशपुर और GPM जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष अनुभव-आधारित टूर पैकेज विकसित किए जाएं।
  5. B2B बैठकों के बाद बने व्यावसायिक समझौतों और पर्यटक आगमन का नियमित मूल्यांकन किया जाए।
  6. महिला समूहों, स्थानीय कारीगरों और जनजातीय समुदायों को पर्यटन मूल्य-श्रृंखला से सीधे जोड़ा जाए।

निष्कर्ष:
सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ छत्तीसगढ़ के पर्यटन को स्थानीय अनुभव से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक व्यावसायिक मंच के रूप में सामने आया है। यदि B2B संपर्कों को वास्तविक टूर पैकेज, निवेश, डिजिटल प्रचार और स्थानीय रोजगार में बदला जाता है, तो पर्यटन राज्य की ग्रामीण, जनजातीय और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण आय-स्रोत बन सकता है।

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