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मिशन अमृत 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के 3 शहरों अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में बनेंगे आधुनिक उद्यान :

AMRUT 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में ₹7.29 करोड़ से बनने वाले आधुनिक उद्यान
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छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में हरियाली और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मिशन अमृत 2.0 के तहत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। इन तीन परियोजनाओं के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

इन उद्यानों में केवल पौधरोपण ही नहीं होगा, बल्कि बच्चों के लिए प्ले एरिया, नागरिकों के लिए ओपन जिम, वॉकिंग पाथवे, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक, गजिबो और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। तीनों परिसरों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाने हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है मिशन अमृत 2.0?

AMRUT 2.0 यानी Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation 2.0 केंद्र सरकार की शहरी विकास योजना है, जिसका उद्देश्य शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज, जल निकायों के पुनर्जीवन तथा हरित क्षेत्र और पार्कों के विकास जैसी सुविधाओं को मजबूत करना है। केंद्रीय गाइडलाइन में Green Spaces & Parks को मिशन के महत्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी मिशन के तहत जलापूर्ति, जल निकायों के पुनर्जीवन और हरित अधोसंरचना से जुड़े अनेक कार्य किए जा रहे हैं।

तीनों शहरों में कहां और कितना खर्च होगा?

शहरस्थानक्षेत्रफलस्वीकृत राशिपौधे
अहिवाराशीतला मंदिर क्षेत्र, वार्ड-010.52 एकड़₹2.07 करोड़2,115
मुंगेलीपेंड्राकांपा, महाराणा प्रताप वार्ड3.08 एकड़₹3.52 करोड़4,453
कांकेरश्रीराम नगर, वार्ड-090.72 एकड़₹1.69 करोड़2,164
कुल4.32 एकड़₹7.29 करोड़8,732

अहिवारा में आधुनिक पार्क :

दुर्ग जिले के अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां लगभग 2,115 पौधे, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, ओपन जिम, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गजिबो और वर्षा जल संचयन की सुविधा प्रस्तावित है।

मुंगेली में बनेगा सबसे बड़ा उद्यान :

मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। यह तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा परिसर होगा। इस परियोजना के लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपये स्वीकृत हैं और लगभग 4,453 पौधे लगाए जाएंगे। यहां प्ले एरिया, ओपन जिम, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट, गजिबो तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

कांकेर में 1.69 करोड़ का पार्क :

कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 स्थित श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित होगा। इसके लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। पार्क में बच्चों के लिए प्ले इक्विपमेंट, ओपन जिम, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गजिबो और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

निर्माण के बाद 5 साल तक होगा रख-रखाव

इन परियोजनाओं की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि योजना केवल पार्क निर्माण तक सीमित नहीं है। उपलब्ध निविदा विवरणों में निर्माण के बाद 5 वर्ष तक Operation & Maintenance का प्रावधान शामिल किया गया है। इससे पार्कों की हरियाली, उपकरणों और नागरिक सुविधाओं के नियमित रख-रखाव पर ध्यान देने की व्यवस्था बनती है।

शहरों के लिए इसका क्या महत्व है?

इन परियोजनाओं का महत्व केवल नए पार्क बनने तक सीमित नहीं है। तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक हरित स्थान नागरिकों को मनोरंजन, पैदल भ्रमण और शारीरिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध कराते हैं। 8,732 पौधों का प्रस्तावित रोपण, वर्षा जल संचयन और सोलर लाइट जैसी व्यवस्थाएं परियोजनाओं में पर्यावरणीय पहलुओं को भी जोड़ती हैं। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग उपयोगी सुविधाएं एक ही सार्वजनिक परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

समाचार विश्लेषण: यह परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है?

AMRUT 2.0 के तहत विकसित होने वाले ये पार्क छत्तीसगढ़ के छोटे और मध्यम शहरी निकायों में हरित अधोसंरचना (Green Infrastructure) को बढ़ाने का उदाहरण हैं। परियोजनाओं में निर्माण के साथ Operation & Maintenance को शामिल करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सार्वजनिक परिसंपत्तियों की उपयोगिता उनके निर्माण के बाद होने वाले रख-रखाव पर भी निर्भर करती है।

आगे कि राह :

इन पार्कों का वास्तविक प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए तीन बातों पर विशेष ध्यान आवश्यक होगा—समय पर निर्माण, पौधों की दीर्घकालिक देखभाल और नागरिकों के लिए नियमित रूप से सुरक्षित एवं स्वच्छ सुविधाओं का संचालन। इसके साथ दिव्यांग-अनुकूल डिजाइन, स्थानीय प्रजातियों के पौधों का चयन, जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता को भी प्राथमिकता दी जाए तो ये पार्क केवल सौंदर्यीकरण परियोजना न रहकर टिकाऊ सार्वजनिक परिसंपत्ति बन सकते हैं।

निष्कर्ष: अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित आधुनिक उद्यान छत्तीसगढ़ के नगरीय विकास में हरियाली, स्वास्थ्य, मनोरंजन और जल संरक्षण को एक साथ जोड़ने वाली परियोजनाएं हैं। ₹7.29 करोड़ का निवेश और 8,732 पौधों का लक्ष्य इसे राज्य के शहरी पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल करता है।

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