एक सशक्त राज्य की नींव उसके समृद्ध गांवों और सम्मानित बेटियों पर टिकी होती है। इसी परिकल्पना को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हाल ही में राज्य सरकार ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ महाअभियान और ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन) का भव्य शुभारंभ किया है।
लगभग 6,855 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाली यह योजना न केवल छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि जल संरक्षण, रोजगार सृजन और पंचायत स्तर पर आधारभूत ढांचे को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। चाहे आप एक आम जागरूक नागरिक हों या CGPSC और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, इन नई नीतियों के आंकड़े और उद्देश्य आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। आइए, इस लेख में इन दोनों अहम अभियानों के हर पहलू का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

1. अभियान का परिचय (मेरी बेटी–मेरा अभिमान)
शुभारंभ: 6 अगस्त 2026 (महानदी भवन, नवा रायपुर से)।
शुभारंभकर्ता: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय।
अभियान की अवधि: 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक।
उद्देश्य: बेटियों का सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं (शौचालय, मुक्तिधाम, जल संरक्षण) का विकास।
मूल योजना: यह अभियान ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन – ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित होगा।
2. प्रमुख निर्माण कार्य एवं बजट :
बालिका शौचालय: ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में 6,671 शौचालय (लागत: ₹286.85 करोड़, प्रति इकाई: ₹4.30 लाख)।
मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय: 6,524 गांवों में निर्माण (लागत: ₹391.44 करोड़, प्रति इकाई: ₹6 लाख)। इसके अतिरिक्त 549 अन्य मुक्तिधाम (प्रति इकाई ₹3.32 लाख)।
जल संरक्षण (डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज): 10,027 बंद पड़े बोरवेलों में सैंड फिल्टर और रिचार्ज पिट का निर्माण (लागत: ₹52.14 करोड़, प्रति इकाई: ₹52,000)।
3. ‘वीबी-जी राम जी’ मिशन (VB-G RAM JI) के महत्वपूर्ण तथ्य
राष्ट्रीय स्तर पर लागू: 1 जुलाई 2026 से।
मजदूरी दर: इस योजना के तहत मजदूरी बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दी गई है।
कुल बजट निवेश (चालू वित्तीय वर्ष): मनरेगा और वीबी-जी राम जी को मिलाकर राज्य को लगभग ₹6,855 करोड़ प्राप्त होंगे (प्रथम किस्त ₹1,538 करोड़ प्राप्त)। वर्ष 2026-27 के लिए योजना का प्रस्तावित बजट ₹5,591.42 करोड़ है।
कुल कार्य: योजना में 318 प्रकार के विकास कार्यों को 4 श्रेणियों (जल संरक्षण-107, ग्रामीण अधोसंरचना-90, आजीविका संवर्धन-86, जलवायु/आपदा प्रबंधन-35) में बांटा गया है।
कृषि-श्रमिक संतुलन: कृषि कार्यों के समय श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का विशेष प्रावधान है।
ग्राम सभा की भूमिका: सभी कार्यों की स्वीकृति ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के अनुमोदन से होगी।
4. राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां (रैंकिंग)
इस योजना की तैयारियों में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय प्रदर्शन शानदार रहा है, जो परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण है:
प्रथम स्थान: श्रमिकों की 98% ई-केवाईसी पूर्ण करने में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहला है।
दूसरा स्थान: परिसंपत्तियों की 99% जियो टैगिंग में राज्य दूसरे स्थान पर है।
प्रथम स्थान: ‘युक्तधारा पोर्टल’ (Yuktadhara Portal) के माध्यम से GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल है।
5. अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
संबंधित अभियान: इस योजना से राज्य सरकार के ‘मोर गांव–मोर पानी‘ महाअभियान को नई गति मिलेगी।
विभागीय मंत्री: श्री विजय शर्मा (उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री)।
कुल मिलाकर देखा जाए तो, ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान‘ और ‘वीबी-जी राम जी‘ मिशन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और सामाजिक परिदृश्य में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाले हैं। जहां एक ओर स्कूलों में शौचालयों के निर्माण से बेटियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ माहौल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर 318 प्रकार के विकास कार्यों के जरिए गांवों में रोजगार की झड़ी लगेगी।
कृषि और मजदूरी के बीच संतुलन बनाए रखना (60 दिन काम बंद रखने का फैसला) और ग्राम सभाओं को सीधी जिम्मेदारी सौंपना, सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है। इसके अलावा, ई-केवाईसी और युक्तधारा पोर्टल (GIS आधारित योजना) में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ प्रशासन प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047′ के विजन के साथ मजबूती से कदमताल कर रहा है।
आपकी क्या राय है?
क्या आपको लगता है कि तकनीकी निगरानी (जियो-टैगिंग) और ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार देने से इन योजनाओं में भ्रष्टाचार कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी? अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!






